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राज्य में इंदौर ऐसा पहला शहर जहां सीबी-नैट मशीन से जांच शुरू


इंदौर। संभागायुक्त श्री आकाश त्रिपाठी ने बताया कि, इंदौर शहर, राज्य में ऐसा पहला शहर है जहां सीबी-नेट मशीन के द्वारा कोरोना सैंपल की जांच शुरू की गई है। यह मशीन एमआरटीबी अस्पताल की आईआरएल लैब में लगाई गई हैइस मशीन के द्वारा जांच शुरू होने के पश्चात टेस्टिंग क्षमता में लगभग 100 के मान से वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि, मशीन में लगने वाली कार्टरेज टीबी सोसायटी द्वारा उपलब्ध कराई गई है। अतः कारज की भी कोई कमी नहीं है। इसके अतिरिक्त ऑटोमेटिक पीसीआर मशीन/थर्मल फिशर मशीन भी प्राप्त राहत के नाम पर आधा लीटर हुई है, जिसका इंस्टॉलेशन का कार्य शीघ्र शुरू हो रहा है। इन मशीनों के बाद टेस्टिंग क्षमता में और अधिक वृद्धि होगी। प्राइवेट लैब के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि, सुप्राटेक लैब, शासन द्वारा निर्धारित दरों पर सैंपल टेस्टिंग के लिए तैयार है। इसके माध्यम से आज 500 सैंपल भेजे गए हैं, जिनका रिजल्ट 36 घंटों में प्राप्त हो जाएगा। अतः यह कहा जा सकता है कि, नई मशीनों के क्रियाशील होने के पश्चात सैंपल टेस्ट की पेंडेंसी लगभग खत्म हो जाएगी तथा टेस्टिंग का एक सिस्टम तैयार होगा।


 


कोरोना से जीती जंग लोग स्वस्थ होकर जा रहे घर


इंदौर। इंदौर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दूसरी ओर राहतभरी खबर यह है कि लगातार कोरोना संक्रमित ठीक होकर घरों के लिए लौट रहे हैंरविवार को कोरोना से जंग जीतकर 16 मरीज घर भेजे गएइन मरीजों में 12 मरीज अरविंदो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हए। एक मरीज के साथ न्यू बॉर्न बेबी भी है, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। चार अन्य मरीज एमआरटीबी हॉस्पिटल से डिस्चार्ज हुए। एमआरटीबी अस्पताल से घर रवाना होने वालों में दो मरीज रामचरण और असलम इदौर के है, जबकि दो महिलाएं तब्बसम और सीमा कसरावद जिला खरगोन की रहने वाली हैं। असलम ने ताली बजाकर और डांस करके ठीक होने की खुशी का इजहार किया। अब तक इदौर में 123 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।


बाद कारीमापाजिटिव रिपोट आईयहां पर सभी तब्बसुम ने कहा- आज बहुत खुश हूं। ठीक होकर यहां से घर जा रही है। यहां पर हमें किसी प्रकार की परेशानी नहीं हई। डॉक्टरों ने हमारा खूब ख्याल रखा। सीमा ने बताया कि हम अपने पारजन का छाड़न गए थ। इसा दारान काराना संक्रमित हो गई थीअब घर जा रही हूं। 14 दिन तक घर पर ही रहंगी। किशन गुप्ता ने कहा कि मुझे बुखार आया था। इसी बात से अंदाजा लग गया था कि कुछ गड़बड़ है। इसके बाद 5 अप्रैल को एमवाय अस्पताल जांच करवाने पहुंचा। इसके बाद कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई। यहां पर सभी अपना समझकर हमारी सेवा कीI


___ अपर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव साहनी ने बताया कि शनिवार को 441 सैंपलों की जांच की गई थी। इनमें 91 पॉजिटिव और 350 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। अब तक मिले कुल 5594 सैंपलों में से 1176 लोग संक्रमित पाए गएअब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है। क्वारेंटाइन हाउस में जो लोग रह रहे हैं। उनके सैंपलों की जांच करवाकर उन्हें जल्द घर भेजने की तैयारी है। अब तक शहरभर में करीब 17 लाख लोगों का सर्वेकर चुके हैंब्याह रचाने उज्जैन से


 


ब्याह रचाने उज्जैन से अकेला इंदौर पंहुचा दूल्हा 


इंदौरलॉकडाउन में रविवार को अनोखी शादी हुईउज्जैन के महालक्ष्मीनगर का युवक बिना बैंडबाजा व बरात के अकेला बाइक पर ब्याह रचाने इंदौर पहुंचा। शादी में लड़के वालों __ की तरफ से कोई नहीं था। लड़की के घरवालों में माता-पिता समेत पांच लोग थे। घर पर ही शादी की रस्म पूरी हई पर अनुमति नहीं होने से पंडित भी उपलब्ध नहीं हो सके। परिचित पंडित ने मोबाइल पर आनलाइन मत्रोच्चार कर फर करवाएदीपक जाट ने बताया वह बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करता है। लॉकडाउन के पहले ही शादी का लग्न ले चुके थे। इंदौर रोड का मैरिज गार्डन से लेकर डीजे तक बुक था। पत्रिका बांट चुके थे सोचा था कि लॉकडाउन खत्म हो जाएगा लेकिन तीन मई तक बढ़ने से सब गड़बड़ हो गई। मैंने दो बार ऑनलाइन फार्म भरा जब जाकर प्रशासन ने अकेले इंदौर जाकर शादी करने की अनुमति दी।


 


राहत के नाम पर आधा लीटर तेल, एक किलो चावल एक किलो दाल से कब तक चूल्हा जलेगा


भोजन के पैकेट बांटने के नाम पर झोन के आधार पर बटवारा, भूख झोन की सीमा रेखा नहीं देखती साहब


इंदौर। कोरोना संक्रमण के चलते देशभर में लॉकडाउन है। ऐसे में कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक से पैसे नहीं निकाल पाने के कारण उनके पास राशन और दवा की दिक्कत हो रही हैद्वारकापुरी थाना क्षेत्र में जरूरतमंद महिलाएं जनधन खाते से रुपए निकालने के लिए सैकड़ों की संख्या में बैंक पहंचीं। ऋषि नगर स्थित एक बैंक के बाहर उमड़ी महिलाओं की भीड़ के कारण यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कोसों दर दिखाई दिया। महिलाओं का कहना था कि राहत सामग्री जो मिली उससे कब तक चूल्हा जलेगाजो रुपए मोदी जी ने खाते में डाले उसे भी नहीं निकाल पा रहे हैं। 


रुपए निकालने आई सुनीता ने अपना दर्द बताते हए कहा कि राहत के नाम पर एक किलो दाल, एक किलो चावल और आधा लीटर तेल दे दिया। इससे हमारा क्या होगा। हमें पता चला है कि हमारे जीरो बैलेंस वाले खाते में नरेंद्र मोदी जी ने रुपए डलवाए हैं। उसी रुपए को निकालने के लिए तीन-चार दिन से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं। रोज सुबह 6 बजे से आकर लाइन में लग जाते हैं। बैंकवाले कहते हैं बाई थोडी देर बाद आना, शाम को आना, कल आना... इसी के चलते हम चक्कर लगाते जा रहे हैं, लेकिन रुपए नहीं मिल रहे हैं।


          रुपए निकालने बैंक आई नेहा ने बताया कि यहां जनरल खाते के रुपए निकालने के लिए 15 दिन से चक्कर काट रहे हैं। यहां पर कछ लोगों के ही रुपए निकल रहे हैं। रोज सबह से 50 से 60 महिलाएं रुपए निकालने के लिए लाइन में लग जाती हैं। लेकिन रुपए कुछ को ही मिल पाते हैं। मोदी जी ने संकट की इस घडी में 500 रुपए खाते में डाले. लेकिन उसे जब निकाल ही नहीं पा रहे हैं तो वो रुपए हमारे किस काम के।


         दूसरी ओर नगर निगम के झोनल ऑफिस पर भोजन के पैकेट वितरण की भी समचित व्यवस्था नहीं है। कर्मचारियों के भरोसे वितरण छोड दिया गया है जो अपनी मनमानी से भोजन वितरण करते हैं। जितने लोग भोजन के लिए भरी दोपहरी में आते हैं, अधिकतर को खाली हाथ लौटना पड़ता है। लगभग 200 पेकेट बांटने के बाद भोजन वितरण बंद कर दिया जाता है। ऐसे में जरुरतमंद भूखे पेट कब तक इंतजार करेगा कि उसे लॉकडाउन के भर पेट भोजन कब मिलेगा। लॉकडाउन के शुरु होने के साथ ही शहर के धार्मिक स्थलों एवं कछ समाजसेवी संगठनों ने यह जिम्मेदारी ली थी कि हजारो की तादाद में भोजन के पैकेट बनाकर जरुरतदो को वितरित करेंगे, लेकिन कलेक्टर महोदय के हस्तक्षेप से ये काम पुलिस प्रशासन और नगर निगम के कर्मचारियों के जिम्मे चला गया। खाने के पैकेट तो पर्याप्त मात्रा में बन रहे हैं पर लोगों तक पूरे नहीं पहुंच रहे है। सुबह का खाना दोपहर 3 से 4 बजे तक हाथ में आता हैं तो शाम के खाने का कोई ठिकाना नहीं, फिर दूसरे दिन वही इतजार आर बइज्जता का सामना करना होता है। प्रशासन के अधिकारियों को ध्यान देना होगा कि य व्यवस्था सहा ढग सच जिन्ह मिल रहा ह ता जरूरत स ज्यादा मिल रहा, जिन्हें नहीं मिल रहा है तो कुछ नहीं।


 


इंदौर में मौत का आंकड़ा 60 पहुंचा, सामने आए 1207 संक्रमित मरीज


इंदौर। रविवार रात शहर में 31 नए पॉजिटिव मरीज आए। तीन लोगों की मौत भी हुई है। संक्रमित मरीजों की 1207 हो गई है, जबकि 60 लोगों की मौत हो चुकी है। जिन तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, उनमें नीलकंठ कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय महिला, जिसकी मौत 25 अप्रैल को हुई। बापू नगर निवासी 65 वर्षीय महिला, जिन्होंने 25 अप्रैल को दम तोड़ा और दानावाली गली निवासी 67 साल की वृद्धा, जिनकी मौत 2 जिनकी मौत 26 अप्रैल को हुई, शामिल हैं। रविवार रात 298 सैंपल जांच गए, जिनमें से 267 की रिपोर्ट निगेटिव आई थी। अब तक कुल 5892 सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है। अभी भी 1024 लोगों का इलाज चल रहा है। वहीं, 975 लोग क्वाटाइन हाउस में अभी भी रह रहे हैं___ हाईकोर्ट जज शर्मा सहित 40 लोग होम क्वारेंटाइन, कर्मचारी निकला पॉजिटिव हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ के प्रशासनिक जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा और उनके परिवार सहित डिप्टी रजिस्ट्रार वीपी सिंह को होम क्वारेंटाइन किया गया है। जस्टिस शर्मा के यहां काम करने _ वाले कर्मचारी गुलाब शर्मा कोरोना संक्रमित मिले ' हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद कलेक्टर मनीष सिंह व अफसर आवास पहुंचे और क्वारेंटाइन करने की जानकारी दीजस्टिस शर्मा, उनकी पत्नी व बच्चों को बंगले पर अलग-अलग कमरों में रखा गया है। कोरोना मरीजों की संख्या के साथ शहर के _ . कंटेनमेंट एरिया भी बढ़ते जा रहे हैं। तीन दिन में 55 नए इलाके या कॉलोनियों में मरीज मिले हैं, जिससे शहर के लगभग 77 वार्डों में 181 कंटेनमेंट एरिया शहा हो गए है। नए इलाको में रसीडसी एरिया का गेस्ट हाउस, पागनीसपागा, साधु वासवानी नगर, सुदर्शन नगर, जगजीवनराम नगर, नया बसेरा, गणेशधाम, रामानंद नगर, गोयल नगर, कमला नेहरू नगर जैसे इलाके शामिल हैंखंडवा निवासी व्यापारी दिलीप गोयल की 24 अप्रैल को खंडवा में मौत हो गई। इंदौर में रहने वाले रिश्तेदार ने बताया वे जूते के होल सेल व्यापारी थेमार्च में व्यापार के सिलसिले में जयपुर गए थे29 मार्च को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। अस्पताल में भर्ती करवाया। 7 अप्रैल को इंदौर लाए। यहां बॉम्बे, सीएचएल और सिनर्जी अस्पताल में भर्ती करने से इनकार कर दिया। फिर गोकुलदास अस्पताल में भर्ती किया। 7 अप्रैल को सैंपल लिया था, जिसकी रिपोर्ट 26 अप्रैल तक नहीं आई। पत्नी अस्पताल में उनकी देखभाल करती थी। रिपोर्ट के लिए अस्पताल रोजाना कॉल करते हैं, और कहा जाता है 3-4 दिन और लगेंगे।


 


कोरोना योद्धाओं को रोज सुबह पोहा जलेबी


इंदौर। वैसे तो इंदौर की पूरे विश्व मे पोहा, जलेबी के नाम से भी एक पहचान है। और इंदौर के ये नाश्ता आज से पुनीत गहलोत जी के प्रयास से चार थाने में शुरू किया गया है। थाना चंदन नगर, अन्नपूर्णा, द्वारकापुरी, राजेन्द्र नगर के सुबह की ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी, नगर सुरक्षा समिति, स्वस्थकर्मी को आज से रोज सुबह पोहा, जलेबी और मसाला चाय का वितरण किया गया है। ये व्यवस्था अब निरंतर जारी रखने का जिम्मा पुनीत गहलोत ने लिया है। इसमे टीआई चंदन नगर योगेश तोमर, अन्नपूर्णा टीआई सतीश कुमार द्विवेदी, द्वारकापुरी टीआई संजय शुक्ला, राजेन्द्र नगर टीआई सुनील शर्मा भी आपने आपने प्रयास से व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में मदद कर रहे है। ये व्यवस्था अहिल्या परिसर से शुरू की गई है।