शिक्षानायक

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अभिभावकों ने ली राहत की सांस.


स्कूल, फीस के लिए नहीं बना पाएंगे दबाव ना बढेगी फीस... ना ही लगेगी पेनल्टी... इंदौर (विशेष प्रतिनिधी)। शिक्षा नायक की खबर और मध्य .


इंदौर (विशेष प्रतिनिधी)। शिक्षा नायक की खबर और मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग के बड़े आदेश से लॉकडाउन की अवधि में भी स्कूल द्वारा फीस जमा करने संबंधी संदेश से छात्र और पालकों को अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़ेगासरकार द्वारा प्रदेश में संचालित सभी निजी स्कूलों को इस दौरान छात्रों और अभिभावकों को फीस वसूली हेतु अनावश्यक दबाव नहीं बनाने के निर्देश दिए गए हैंमध्यप्रदेश शिक्षा विभाग ने कोरोना आपदा के चलते अगले आदेश तक वर्तमान शैक्षिक सत्र 2020-21 में शुल्क बढोतरी पर रोक लगा दी गई है। निजी स्कूलों को निर्देशित किया गया है, कि वह पालकों पर एकमुश्त फीस का दबाव भी नहीं बना सकते, साथ ही पालकों को मासिक व चार किस्तों में फीस जमा करने की सुविधा भी देनी होगी। किसी भी परिस्थिति में फीस जमा नहीं किए जाने के कारण विद्यार्थी का नाम काटते हए शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता। संक्रमण के कारण उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों को देखते हए राज्य शिक्षा विभाग ने अभिभावकों को बड़ी राहत दी है। लाकडाउन के कारण अभिभावकों के रोजगार पर प्रतिकूल असर पड़ा है, ऐसे में उन्हें शिक्षा के आड़े नहीं आएगा पैसा, फीस के कारण नहीं होंगे शिक्षा से वंचित फीस जमा करने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।


शिक्षा के आड़े नहीं आएगा पैसा, फीस के कारण नहीं होंगे शिक्षा से वंचित


फीस जमा ना करने के कारण किसी भी छात्र या छात्रा का नाम स्कूल से नहीं काटा जाएगा। सरकार ने यह साफ कर दिया कि यदि कोई अभिभावक आर्थिक कठिनाइयों के कारण आपदा अवधि में शुल्क को स्थगित किए जाने का अनुरोध करता है, तो निजी स्कूलों को इस पर सकारात्मक रूप से विचार करना होगा और फीस को स्थगित कर बिना किसी विलंब शुल्क के आगामी महीनों में किश्तों के आधार पर लेना होगा। इसके अतिरिक्त अभिभावक शैक्षणिक सत्र 2019- 20 की बकाया शुल्क दिनांक 30 जून तक जमा कर सकेंगे और इस पर निजी स्कूल उनसे किसी भी प्रकार का कोई विलंब शुल्क भी नहीं ले सकेगा। ऑनलाइन पढ़ाई करा रहे निजी स्कूलों को यह भी सुनिश्चित करना होगा, कि जो विद्यार्थी किसी भी परिस्थितिवश इन ऑनलाइन कक्षा में भाग नहीं ले पा रहे हैं, उन सभी छात्रों के पढ़ाई के नुकसान की भरपाई लॉकडाउन समाप्त होने के बाद अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर की जाएंगी। यानी एक्स्ट्रा क्लास के माध्यम से आर्थिक व अन्य कारणों से... शेष पृष्ठ 5 पर


 


नोडल अधिकारी, कर्मचारियों के रूप में - कोरोना नायक


4178 घरों के साथ, घोषित कंटेंटमेंट एरिया का सर्वेक्षण पूरा


इंदौर (शिक्षा नायक प्रतिनिधी)। कोरोना वायरस के संक्रमण और कम्युनिटी ट्रांसमिशन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ओर से हर घर का सर्वे कराया जा रहा है। इस सर्वेके दौरान लोगों से स्वास्थ संबंधित सभी प्रकार की जानकारी ली जा रही हैकोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण हेतु चंदननगर, गुमास्ता नगर, स्कीम नंबर 71 को कंटेनमेंट एरिया घोषित किया जाकर तीन जोन में बांटा गयाजिसमें जोन क्रमांक 3 में सेक्टर ऑफिसर का दायित्व संयुक्त संचालक मनीष वर्मा को सौंपा गया। वार्ड क्रमांक 83 के अंतर्गत 4178 घरों का सर्वेक्षण पूरा कराया गया तथा इसके बाद 14 दिनों की पुन: जांच प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। घोषित कंटेंटमेंट एरिया का सर्वेक्षण में कोरोना नायक के रूप में मनीष वर्मा के साथ 3 सुपरवाइजर व 37 कर्मचारियों जिनमें शिक्षक, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के दल ने निरंतर व पूरी तत्परता से एक योद्धा के रूप में अपना कर्तव्य निभाया। सर्वे के दौरान संक्रमित में क्षेत्रों में जाकर स्थानीय लोगों की जानकारी प्राप्त कर प्रत्येक परिवार का स्वास्थ्य संबंधी डाटा तैयार किया गया। इस डाटा के आधार पर लोगों के स्वास्थ्य पर जिला प्रशासन नजर रखेगा। अगर किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की परेशानी होती है तो वे सीधे कंटरोल रूम से संपर्क कर सहायता ले सकते हैंएसडीएम रवि कुमार सिंह स्वयं इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। स्वास्थ्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी जैसे सर्दी, खांसी, बुखार या गले में दर्द की समस्या तथा परिवार के किसी भी सदस्य के बीमार पाए जाने पर सर्वेक्षण दल के सदस्य द्वारा सुपरवाइजर के माध्यम से सेक्टर अधिकारी को तत्परता से सूचित किया गया... शेष पृष्ठ 4 पर


डब्ल्यूएचओ अपनी जिम्मेदारी में कहां चूका ?


चीन केंद्रित होने की आलोचना के साथ वित्तपोषण पर रोक!


ज्ञानेन्द्र पटेल । डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) संयुक्त राष्ट्र संघ की एजेंसी है, जो पब्लिक हेल्थ के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदार हैसार्स और इबोला जैसी महामारीयों पर नियंत्रण कर डब्ल्यूएचओ ने दुनिया में अपनी उपयोगिता और महत्व को साबित किया है। लेकिन कोविड-19 संक्रमण को लेकर उसके रवैए और वक्त रहते कड़े कदम नहीं उठाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन की मजबूत निगरानी के बावजूद भी कोविड-19 संक्रमण दुनिया के कोने कोने में कैसे फैल गया। दुनिया में अमेरिका ने सबसे पहले अपनी नाराजगी जाहिर की और डब्ल्यूएचओ को दिए जाने वाले वित्तपोषण पर रोक लगा दी उनका आरोप है की डब्ल्यूएचओ धन अमेरिका से लेता है लेकिन काम चीन के लिए करता है। दुनिया कोरोनावायरस के संकट में घिर चुकी है I कोरोना महामारी अपने साथ एक बड़े आर्थिक संकट को भी लेकर आया है। जिससे निकलने में दुनिया को काफी वक्त लग सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की निगरानी करने वाले संगठन का सबसे महत्वपूर्ण कार्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने, उसके फैलाव को रोकने और बीमारी से होने वाले खतरों से दुनिया को आगाह करने के साथ बीमारी से लड़ने के तरीके पर काम करना है। इस बार डब्ल्यू एचओ पर इन सारी भूमिकाओं में... शेष पृष्ठ 5 पर