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चित्तौडगढ के निम्बाहेडा में अब कोरोना की दस्तक
चितौडगढजिले में भी अब कोरोना संक्रमण ने दस्तक दे दी हैचित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी बैठक कर आगामी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। जानकारी के अनुसार चित्तौडगढ जिले के निंबाहेड़ा में कोरोना संक्रमण का मामला सामने आया है। यहां लखारा गली मे रहने वाले मनीष सोनी(42) पुत्र बद्रीलाल सौनी की तबीयत ज्यादा खराब हई तो उसे पहले निम्बाहेडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया , वंहा से उसे शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ लाया गया था। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे उदयपुर रैफर किया। यहां शनिवार को आई उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। रिपोर्ट मिलते ही सभी तरफ हड़कंप मच गया। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी मंसूर अहमद ने भी कोरोना संक्रमण का पॉजिटिव केस आने को लेकर पुष्टि की है। अब प्रशासन बैठक कर आगामी रणनीति बनाने में जुट गया है। अब प्रशासन इसकी कॉन्टेक्ट हिस्ट्री निकाल रहा है। बताया जा रहा है कि यह युवक निम्बाहेड़ा की लखारा गली क्षेत्र में रहता है। पॉजिटिव केस सामने आते ही जिला कलक्टर ने शनिवार को बैठक बुलाई है और आगामी कदम उठाने पर मंथन किया जा रहा है।
भाई ने गर्भवती बहन की मदद के लिए चित्तौडगढ सोशल मीडिया पर लगाई गुहार
सोशल मीडिया पर लगाई गुहार सपने मान कर सके जियाली का जर्मनी के प्रिंस वर्मा ने 19 अप्रैल की रात एक बजे एक ट्वीट करते है। दिल्ली के भाजपा लीडर तजिंदर बग्गा को संबोधित इस ट्वीट में वे कहते है कि उनकी गर्भवती बहन भिंड में है। उन्हें डिलेवरी होने वाली है उन्हें बुखार आ रहा है पर कोई डॉक्टर उन्हें देखने को तैयार नही है। बग्गा ये ट्वीट इंदौर के भाजपा विधायक रमेश मेंदोला को फारवर्ड कर देते है। इसके बाद जो होता है वो सोशल मीडिया और जमीनी नेटवर्क से लोगों की मदद की मिसाल कायम कर देता है। मेंदोला सबसे पहले प्रिंस से उनके जियाजी का नम्बर लेते है। फिर उनसे उनका पूरा पता और फोन नम्बर्स लेते है। इसके बाद वे इंदौर भाजपा के उपाध्यक्ष सुमित मिश्रा को भिंड के भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव कांकर से संपर्क कर उन्हें परी मदद का आग्रह करते है। मेंदोला कांकर को और एमपी पुलिस की डायल 100 को तत्काल ट्वीट कर उनसे भी महिला की मदद का आग्रह करते है। महिला की सहायता के लिए परा नेटवर्क सक्रिय हो जाता है। कांकर डॉक्टर्स और अस्पताल से संपर्क कर उन्हें दिखाने की व्यवस्था करने और डायल 100 मनपा स्थानीय पुलिस भी 24 घंटे सहायता के लिए तत्पर रहने का भरोसा दिलाती है।
लॉकडाउन फेस-2 का 12वां दिन, 58 नए पॉजिटिव मिले
संक्रमित हैहालांकि, अ जयपुरराजस्थान में रविवार को कोरोना संक्रमण के 58 केस आएइनमें नागौर में 20. जोधपुर में 15, अजमेर में 11, जयपुर में 7. जबकि झालावाड़ और हनुमानगढ़ में एक-एक संक्रमित मिला। अब राज्य में कोरोना के 2141 मरीज हो गए हैं। उधर, जोधपुर में रविवार देर रात 60 साल की महिला की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। उन्हें 24 अप्रैल को महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती किया गया था। राज्य में अब तक संक्रमण से 36 लोगों की जान जा चुकी है।
नागौर के बासनी में एक संक्रमित मां ने 14 अप्रैल को बच्चे को जन्म दिया। नवजात कोरोना संक्रमित है। हालांकि, अब उसकी तबीयत ठीक है। नवजात को संभालने के लिए अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड का पूरा स्टाफ जुटा हुआ है। बच्चे के माता-पिता समेत बच्चे के माता-पिता समेत परिवार के 9 सदस्यों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। नागौर में बासनी कोरोना का हॉटस्पॉट है।
राजस्थान सरकार ने दूसरे राज्यों में फंसे अपने यहां के मजदूरों को निकालने की पूरी तैयारी कर ली है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश के बाद अधिकारियों ने इसका खाका तैयार कर लिया है। राजस्थान से दूसरे प्रदेशों के प्रवासी मजदूरों को भी उनके घर भेजा जाएगा। इसके लिए प्रवासी मजदूरों को हेल्पलाइन नंबर-18001806127, ई-मित्र मोबाइल ऐप या ई-मित्र कियोस्क पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।
जयपूरः शहर में रविवार को सात नए केस सामने आए। इससे पहले शनिवार को सुखद खबर आई। एसएमएस हॉस्पिटल में कोरोना को हराने वाले 46 मरीजों को एक साथ डिस्चार्ज किया गया। जयपुर में अब तक 132 मरीज रिकवर हो चके हैंजयपुर में अब तक 801 संक्रमित मिल चुके हैं।
अजमेरः यहां अब तक 123 केस सामने आ चुके हैं। यहां दरगाह बाजार, नला बाजार, मुस्लिम मोची मोहल्ला, लाखन कोटड़ी, नया बाजार, कड़क्का चौक समेत इससे सटे इलाके हॉट स्पॉट घोषित किए जा चुक हा चिता का बात यह है कि घोषित किए जा चुके हैं। चिंता की बात यह है कि यहां मिले संक्रमितों में किसी में भी कोरोना के लक्षण नजर नहीं आ रहे। अब स्वास्थ्य विभाग यहां भीलवाड़ा की तर्ज पर हर व्यक्ति का कोरोना टेस्ट
करवाने की तैयारी में है। राजसमंद/चित्तौड़गढ़ः उदयपुर, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा के बाद अब राजसमंद और चित्तौड़ में भी कोरोना की एंट्री हो गई है। राजसमंद और चित्तौड़गढ़ जिले दो दिन के भीतर रेड जोन में शामिल हो गए हैं। इनके साथ ही, यहां प्रशासन ने लॉकडाउन में दी गई ढील वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी है। राजसमंद में वापस लेने की तैयारी शुरू कर दी है। राजसमद में एक लड़का पॉजिटिव मिला है। इसके बाद लैब में काम करने वाला एक युवक संक्रमित मिला।
राजस्थान: 33 में से 28 जिलों में पहुंचा संक्रमण
प्रदेश में संक्रमण के सबसे ज्यादा केस जयपुर में हैं। यहां 801 (2 इटली के नागरिक) संक्रमित हैं। इसके अलावा जोधपर में 388 (इसमें 47 ईरान से आए), कोटा में 152, टोंक में 115, अजमेर में 123, नागौर में 113, भरतपुर में 109, बांसवाड़ा में 61, जैसलमेर में 48 (इसमें 14 ईरान से आए), झुंझुनूं में 42, बीकानेर में 37, भीलवाड़ा में 33 मरीज मिले हैं। उधर, झालावाड़ में 30, दौसा में 21, चूरू में 14, हनुमानगढ़ में 11, सवाईमाधोपुर 21, चूरू में 14, हनुमानगढ़ में 1 में 8, अलवर में 7, डूंगरपुर में 6, सीकर और उदयपुर में 4-4, धौलपुर और करौली में 3-3, पाली, बाड़मेर और प्रतापगढ़ में 2-2 कोरोना
मरीज मिल चुके हैं। वहीं चित्तौड़गढ़ और राजसमंद में 1-1 संक्रमित मिला।
पिछले 24 घंटे में प्रदेश में संक्रमण से चार लोगों की जान जा चकी है। इसमें दो की जयपुर और दो की जोधपर में जान गईप्रदेश में संक्रमण से अब तक 36 लोगों की मौत हई है। इनमें सबसे ज्यादा 20 मौतें जयपुर में हुईं। इसके अलावा कोटा और जोधपुर में चार-चार, भीलवाड़ा में दो-दो की जान जा चुकी है। इसके अलावा नागौर, बीकानेर, अलवर, भरतपुर और टोंक और सीकर में एकएक की मौत हुई। इनमें एक 13 साल की बच्ची है और एक 30 साल का युवक था। बाकी सभी मृतकों की उम्र 47 साल से अधिक थी।
कोराना संकट के बीच राहत की खबर यह है कि अब तक प्रदेश में 244 लोग स्वस्थ भी हुए हैं। जयपुर में 54 (2 इटली के नागरिक), जोधपुर 41, बीकानेर में 32, भीलवाड़ा में 24, जैसलमेर में 23, बाड़मेर 21, झुंझुनू 17, चुरू 9, डूंगरपुर 5, हनुमानगढ़, पाली और प्रतापगढ़ में दो-दो. अलवर, करौली, सीकर और टोंक में एक-एक मरीज को डिस्चार्ज किया गया है। इसके अलावा, ईरान से जोधपुर और जैसलमेर लाए गए 8 लोगों भी संक्रमण से मुक्त हुए हैं।
नेटवर्क पाने की जद्दोजहद
पेड़ पर मचान बनाकर ऑनलाइन क्लास अटेंड कर रहे स्टूडेंट्स
___ बूंदी। यह तस्वीर शहर से बूंदी शहर से सटे दलेलपुरा गांव की है। गांव में करीब तीन किमी_दायर म माबाइल नटवक ठाक स नही पकड़ता ऐसे में यहा के लोगों को मोबाइल पर बात करने के लिए भी छत पर चढ़ना पड़ता है। इन दिनों कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेशभर में स्कूल-कॉलेज बंद हैं। सरकार ने केजी से पीजी तक स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की है। गांव में नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से कॉलेज स्टडेंट्स ने ऑनलाइन स्टडी का अलग तरीका निकाल लिया। पेड़ों पर चारपाई लगाकर मचान बना ली और धूप से बचने के लिए उस पर चादर तानकर ऑनलाइन स्टडी कर रहे हैं। , गांव में ऊंचाई वाले पेड़ पर नेटवर्क-स्पीड पूरी मिल जाती है। गांव में 12वीं के 12, 10वीं के 15और कॉलेज के 10 स्टूडेंट्स हैं। उन्होंने पेड़ों पर ही अपना क्लासरूम बना लिया है। इसके अलावा, कई स्टडेंट्स के पास एंड्रॉयड मोबाइल नहीं है। ऐसे में जिस छात्र के पास लैपटॉप होता है उससे मोबाइल का नेटवर्क कनेक्ट करके कई छात्र एक साथ पढाई करते हैं। रजिस्टर-कॉपी में नोटस भी उतार लेते हैं। गांव के आसपास पहाड़ी एरिया है। इसलिए, नेटवर्क आने में दिक्कत आती है।
झारखंड - राज्य के लिए अच्छी खबर, मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार बढी रांची।
रांची। झारखंड में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ती जा रही है लेकिन सक्नदायक यह है कि यहां मरीजों के स्वस्थ होने की रफ्तार तेजी से बढ़ी हैएक सप्ताह पहले जहां मरीजों के ठीक होने की दर शून्य थी, २ हो गई। 20 अप्रैल को पहली बार राज्य में चार मरीजों को स्वस्थ घोषित कर कोविड वार्ड से छुट्टी दी गई थी। अब तक 12 कोरोना संक्रमित ठीक हो चुके हैं। हालांकि यह दर देश के औसत से कम है लेकिन स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि चूंकि यहां देरी से केस सामने आए इसलिए 14 और 18 दिनों की अवधि अब पूरी हो रही है। जल्द ही शेष मरीज ठीक होकर घर जा सकेंगे। स्वस्थ होने का राष्ट्रीय औसत इस समय करीब 22% है। हमारे पड़ोसी राज्य बिहार और पश्चिम बंगाल में भी यह दर लगभग हमारे जितनी है। बिहार में जहां 18.59 तो पश्चिम बंगाल में 18 प्रतिशत मरीज ठीक हए। झारखंड में 20 से 25 अप्रैल तक मरीजों की संख्या आधी से अधिक बढ़ी है। सात दिन पहले जहां 33 मरीज थे, अब बढ़कर 68 हो गए। इधर, झारखंड में संक्रमितों में सबसे अधिक 22 युवा हैंवहीं महिला मरीज 11 हैं। रांची में 43 मरीजों में हिंदपीढ़ी के 39, बेड़ो के दो और और बरियातू, पीपी कंपाउंड, कांटाटोली के एक-एक हैं I