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मंडियों में अनाज खरीदी से जुड़े कर्मचारियों-किसानों का बीमा होगा
हरियाणा। सभी अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों में रबी फसलों की खरीद कार्य में लगे आढ़तियों, खरीद एजेंसियों के कर्मचारियों, चाहे वे नियमित हों या आउटसोर्सिंग, फसल लेकर आने वाले किसानों व मजदूरों का 10 लाख रुपए का बीमा कराया जाएगामुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह घोषणा की हैबुधवार को प्रदेश की 40 ग्राम पंचायतों ने गेहूं खरीद का लाइसेंस लिया है, 120 किसान उत्पादक संगठनों को भी अब तक लाइसेंस दिया जा चुका है। अब ग्राम पंचायत व किसान उत्पादक संगठन दोनों गेहूं खरीद में लग जाएंगे। सीएम ने बताया कि बुधवार शाम तक सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखकर अब तक 42,937 किसानों की लगभग 5.45 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी जा चुकी हैउन्होंने बताया कि 21 अप्रैल तक हरियाणा में 28,9140 टन गेहूं खरीदी गई थी। जबकि इसी समय अवधि में यानी 21 अप्रैल तक उत्तर
प्रदेश में केवल 98,858 टन, राजस्थान में 42,278 टन और उत्तराखंड में मात्र 1198 टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सीए डॉ. जे गणेशन ने आढ़तियों से बातचीत की। आढ़ती इसलिए मैनुअल पर जोर दे रहे हैं कि इस खरीद प्रक्रिया में
किसान से गेहं आढ़ती खरीदते हैं और सरकार को पैसा देते हैं। जबकि सरकार की मौजूदा व्यवस्था के तहत पैसा सीधे किसान के खाते में पहंच रहा है। जिन जिलों में आढ़ती खरीद नहीं कर रहे, वहां सरकारी एजेंसियों ने सीधे गेहूं खरीदी है। पिछले तीन दिन में सिर्फ एजेंसियां 1.50 लाख टन गेहं खरीद चुकी हैं।
राऊ रेलवे क्रासिंग पर लॉकडाउन का सख्ती से पालन
इन्दौर (राजेश पवार)। राऊ रेलवे क्रांसिंग के पास पुलिस प्रशासन द्वारा नागरिकों ने लॉदान का पानी से पालन करवाया जा रहा है। यह चौकी शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ती है, इसलिए शहर के लोग अपनी रोजमर्रा की जरुरी सब्जी के लिए गांव की ओर जाते हैं यहां मौजूद एएसआई मनोहर स्वामी, आरक्षक राम कुमार यहां से गुजरने वाले प्रत्येक चार पहिया वाहन एवं दो पहिया वाहन को जांच पड़ताल करने के बाद जिनके पास कयूं पास एवं शासन द्वारा विशेष अनुमति पत्र होते है उन्हें जाने दिया जाता है, अगर किसी के पास कप! पास एवं अनुमति पत्र नहीं होता है तो उन पर आवश्यक कार्रवाही की जाती है। लेकिन किसानों के लिए उनके कृषि कार्य में बाधा न आए इस बात का भी ध्यान रखा जाता है, और सभी को लॉकडाउन का पालन करने की समाश दी जाती है। इस कार्य में आईआईएम के सुरक्षा गार्ड तुलसीदास प्रजापति और राजेन्द्र चौहान का भी सहयोग सराहनीय है। मनोहर स्वामी अपने स्वास्थ्य से ज्यादा शहरवासियों के जीवन की ज्यादा फ्रिक करते है। इसलिए घर पर रहने की समझाइश देते हैं एवं सहयोग की अपील करते है।
धारावी में कम हुआ कोरोना का प्रकोप सरकार के प्रयासों से हो रही हेल्प
सरकार के मुंबई। एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी धारावी में कोरोना संक्रमण का कहर थोड़ा कम हुआ है। पछले 24 घंटे में यहां सिर्फ 6 मामले सामने आए हैं। वहीं गुरुवार को यहां पर 25 नए केस पॉजिटिव मिले थे
2.1 वर्ग किमी के कुल क्षेत्रफल में फैले धारावी में लगभग 5 लाख से ज्यादा लोग रहते हैं। शुक्रवार को धारावी में कोरोना से एक मरीज की मौत हो गई। इस पूरे इलाके में अब तक 220 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जबकि 14 लोगों की मौत हो चुकी हैसरकार और मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों ने धारावी के लिए अगल रणनीति बनाई थी, जिसके बाद यहां कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को रोकने में मदद मिल रही है। धारावी में संक्रमण रोकने के लिए उठाएं ये कदम
एक इंटरव्यू में स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती है कि कैसे घनी आबादी में लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराएं।
बृहन मुंबई महानगरपालिका ने धारावी में कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने और वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए डोर-टू-डोर डिलीवरी के साथ कई उपाय अपनाए हैं। धारावी में हर घर में दवाइयां दी जा रही हैं। इसलिए हमने होम क्वारनटीन की जगह अब हाई रिस्क वाले लोगों को संस्थानों में क्वारनटीन करने का फैसला किया है। इसके लिए स्कूल-कॉलेज, होटल या फिर किसी भी संस्थान की आवश्यकता पड़ रही है, हम
उसका इंतजाम कर रहे हैं। यहां पर अब तक 50 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई है। स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि इसके साथ ही हम उन क्षेत्रों में जहां सबसे ज्यादा कोरोना मरीज आए हैं, वहां क्वारनटीन किए लोगों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन देने का निर्णय ले चुके हैं। हम अर्ली डिटेक्शन पर काम कर रहे हैं, क्योंकि कई बार संक्रमण की रिपोर्ट मरीज की गंभीर स्थिति में पहुंचने के बाद आती है।
लंदनदुनियाभर के देशों बच्चों में संक्रमण का नया लक्षण... कोविड टो
लंदनदुनियाभर के देशों में बच्चों में कोरोना संक्रमण के नए तरह के लक्षण देखने को मिल रहे हैंइसे डॉक्टरों ने कोविड टो नाम दिया है। इसमें बच्चों के पैरों की अंगुलियां सूज जाती हैं। फिर तीन-चार दिन में छाले पड़ जाते हैं। यह लक्षण सबसे पहले इटली के कुछ संक्रमित बच्चों में दिखापिछले तीन दिन में ब्रिटेन में भी ऐसे केस सामने आए हैंअमेरिका के डॉक्टरों ने दर्जनभर बच्चों में पैरों की अंगुलियां सूजने के वाकये नोटिस किए हैं। हालांकि, भारत में ऐसे किसी केस की पुष्टि नहीं हुई है।